"उदित उदयगिरि मंच पर, रघुबर बालपतंग। / बिकसे संत सरोज सब, हरषे लोचन भृंग।।" उपर्युक्त पंक्ति में अलंकार है
- Aरुपक
- Bउपमा
- Cउत्प्रेक्षा
- Dविरोधाभास
Solution & Step-by-step Explanation
जहाँ उपमेय और उपमान में कोई भेद न रखकर उन्हें एक रूप मान लिया जाता है (अभेद आरोप), वहाँ रूपक अलंकार होता है। यहाँ मंच पर उदयगिरि का, श्रीराम पर बाल सूर्य का, संतों पर कमल का और नेत्रों पर भँवरों का अभेद आरोप होने के कारण रूपक अलंकार है।