निम्नलिखित गद्यांश के रिक्त स्थानों की पूर्ति गद्यांश के नीचे दिए गए प्रश्नों के अनुसार कीजिए-
कई दिन वहाँ रहने पर मुझे इस साध्वी की ________ (1) के बारें में बहुत कुछ मालूम हो गया। प्रातःकाल उसके आश्रम से निरंतर आती हुई तुलसीदास के भजनों की स्वर लहरी मेरी सोई हुई आत्मा को ________ (2) कर देती थी। कितनें दिनों से मैं रेल-पेल व भागमभाग से ________ (3) वातावरण में आनें की बात सोच रहा था। इस युग में भविष्य के प्रति ________ (4) हमें जल्दी निर्णय लेने से रोकती रहती है। फिर भी भीड़ से दूर निकलने की बलवती ________ (5) किसके मन में रह-रह कर नहीं जाग उठती है?
गद्यांश में संकेतित रिक्त स्थान (4) के लिए उपयुक्त शब्द होगा।
- Aनिश्चिन्त
- Bहताशा
- Cआशा
- Dआशंका
Solution & Step-by-step Explanation
वाक्य में कहा गया है कि "...हमें जल्दी निर्णय लेने से रोकती रहती है।" भविष्य के प्रति जो डर या संदेह मन में होता है, वही हमें निर्णय लेने से रोकता है। डर या संदेह के लिए उपयुक्त शब्द 'आशंका' (Anxiety/Apprehension) है।
सार्थक रूप: "इस युग में भविष्य के प्रति आशंका हमें जल्दी निर्णय लेने से रोकती रहती है।"
सार्थक रूप: "इस युग में भविष्य के प्रति आशंका हमें जल्दी निर्णय लेने से रोकती रहती है।"