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mediumMCQUPTET Paper 2 Social Science2016Hindi
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निर्देश: दिए गए गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्न का सही विकल्प छाँटिए।
धर्म पालन करने के मार्ग में सबसे अधिक बाधा चित्त की चंचलता, उद्देश्य की अस्थिरता और मन की निर्बलता से पड़ती है। मनुष्य के कर्तव्य मार्ग में एक ओर तो आत्मा के बुरे-भले कामों का ज्ञान दूसरी ओर आलस्य और स्वार्थपरता रहती है। बस मनुष्य इन्हीं दोनों के बीच में पड़ा रहा है। अंत में यदि उसका मन पक्का हुआ तो वह आत्मा की आज्ञा मानकर अपना धर्म पालन करता है, पर उसका मन दुविधा में पड़ा रहा है तो स्वार्थपरता करता है स्वार्थपरता उसे निश्चित ही घेरेगी और उसका चरित्र घृणा के योग्य हो जायेगा...

प्रश्न: धर्म पालन करने में बाधा डालने वाली प्रवृत्तियाँ कौन-सी हैं?

  1. A
    कमजोर मन, उद्देश्य का निश्चित न होना तथा चंचल मनोवृत्ति का होना
  2. B
    धर्म का ज्ञान न होना
  3. C
    आलस्य की अधिकता
  4. D
    जानकारी की कमी

Solution & Step-by-step Explanation

गद्यांश की प्रथम पंक्ति के अनुसार, "धर्म पालन करने के मार्ग में सबसे अधिक बाधा चित्त की चंचलता, उद्देश्य की अस्थिरता और मन की निर्बलता से पड़ती है।" अतः इसका सही तात्पर्य विकल्प A है।

Practice this question

Try it yourself before checking the explanation above.

निर्देश: दिए गए गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्न का सही विकल्प छाँटिए।
धर्म पालन करने के मार्ग में सबसे अधिक बाधा चित्त की चंचलता, उद्देश्य की अस्थिरता और मन की निर्बलता से पड़ती है। मनुष्य के कर्तव्य मार्ग में एक ओर तो आत्मा के बुरे-भले कामों का ज्ञान दूसरी ओर आलस्य और स्वार्थपरता रहती है। बस मनुष्य इन्हीं दोनों के बीच में पड़ा रहा है। अंत में यदि उसका मन पक्का हुआ तो वह आत्मा की आज्ञा मानकर अपना धर्म पालन करता है, पर उसका मन दुविधा में पड़ा रहा है तो स्वार्थपरता करता है स्वार्थपरता उसे निश्चित ही घेरेगी और उसका चरित्र घृणा के योग्य हो जायेगा...

प्रश्न: धर्म पालन करने में बाधा डालने वाली प्रवृत्तियाँ कौन-सी हैं?
A
कमजोर मन, उद्देश्य का निश्चित न होना तथा चंचल मनोवृत्ति का होना
B
धर्म का ज्ञान न होना
C
आलस्य की अधिकता
D
जानकारी की कमी

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