भूषण महाराज ने विषय और विशेषतः नायक चुनने में बड़ी बुद्धिमत्ता से काम लिया है। शिवाजी और छत्रसाल से महानुभावों के पवित्र चरित्रों का वर्णन करने वालों की जितनी प्रशंसा की जाए थोड़ी है। शिवाजी ने एक जमींदार और बीजापुरधीश के नौकर के पुत्र होकर चक्रवर्ती राज्य स्थापित करने की इच्छा को पूर्ण-सा कर दिखाया और छत्रसाल बुन्देला ने जिस समय मुग़लों का सामना करने का साहस किया उस समय उनके पास केवल पाँच सवार और पच्चीस पैदल थे। इसी सेना से इस महानुभाव ने दिल्ली का सामना करने की हिम्मत की और मरते समय अपने उत्तराधिकारियों के लिए दो करोड़ वार्षिक मुनाफे का स्वतंत्र राज्य छोड़ा। छत्रपति शिवाजी की प्रशस्ति में लिखे गए दो काव्य ग्रंथ हैं- शिवा बावनी और शिवराज भूषण। इस पाठ बोधन में भूषण का वीर काव्य रस दर्शाया गया है।
छत्रपति शिवाजी की प्रशस्ति में लिखे गए दो काव्य ग्रंथों के नाम हैं:
- Aशिवा बावनी, शिवराज भूषण
- Bशिवा चरित, शिवा विलास
- Cशिवा वैभव, शिवा चिन्तन
- Dशिव कथा, शिवा विक्रम
Solution & Step-by-step Explanation
गद्यांश के पाठ के अनुसार, "छत्रपति शिवाजी की प्रशस्ति में लिखे गए दो काव्य ग्रंथ हैं- शिवा बावनी और शिवराज भूषण।" अतः स्पष्टतः विकल्प A सही उत्तर है।