HomeTestsSearchRankProfile

Mythology Questions

Practice 11 Mythology questions with detailed answers and explanations. Free MCQs, PYQs, and mock test questions for NEET, JEE, GATE, SSC and more.

📚
11
Total Questions
🟢
0
Easy
🟡
11
Medium
🔴
0
Hard

About Mythology — practice questions, PYQs & concepts

Mythology is a frequently-tested topic on Hindi, General Knowledge. ExamTest.live currently lists 11 Mythology questions spanning previous-year papers from 2026 to 2026, each with worked solutions and a step-by-step explanation. Use the filters on this page to focus on a specific exam, difficulty level or year — every answer key is free, no sign-up required.

Mythology weight in competitive exams

Across our Mythology question bank, the largest sources are Hindi (10) and General Knowledge (1). Click any exam chip above to drill down to that exam-specific question set.

How to use this page

  • Start easy: 0 easy Mythology questions are available — build fluency before moving up.
  • Target weak years: Use the year filter to focus on the most recent 2026 paper or older PYQs you have not attempted.
  • Time yourself: Every question shows the average solve time so you can benchmark your speed against other students.
  • Read every explanation: Even on questions you got right — the explanation often surfaces a faster approach you can reuse.

All Mythology Questions(111 of 11)

Filter:
Q1mediummcqHindiHindi Mock Test - 12026
22% accuracy
निर्देश: दिए गए गद्यांश के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए |राजा दशरथ के तीन विवाह होने पर भी उनके यहाँ कोई उत्तराधिकारी नहीं हुआ | राजा के वानप्रस्थ का समय समीप आता जा रहा था, उनकी चिन्ता बढ़ती जा रही थी | इस हेतु उन्होंने ऋषि-मुनियों से संपर्क क्र उपाय हेतु सलाह करना प्रारंभ कर दिया | महर्षि वशिष्ठ ने उनसे कहा - राजन आपकी कुल-परम्परा में पूर्व में भी इस प्रकार का समय आ चुका है | महाराज दिलीप को जब संतान प्राप्ति नहीं हुई थी, तब उन्होंने भी आयुर्वेद के आचार्यों को बुलाकर पुत्र यज्ञ कराया था, जिसके परिणामस्वरुप आपके कुल पिता रघु का जन्म हुआ था | अब पुनः वही परिस्थिति उत्पन्न हुई है | आप पुत्र यज्ञ का आयोजन करें | आपको अवश्य सुखद फल प्राप्त होगा | वर्तमान में आपके ही दामाद महर्षि श्रृंगी आयुर्वेदाचार्य व यज्ञों के ज्ञाता है | हम उन्हें ही आमंत्रित कर यज्ञ का आयोजन करें, तब श्रेष्ठ होगा |महर्षि वशिष्ठ ने यज्ञ कराने के लिए किस महर्षि का नाम सुझाया?
Q2mediummcqHindiHindi Mock Test - 12026
0% accuracy
निर्देश: दिए गए गद्यांश के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
पुराणानुसार श्रृंगी ऋषि के शाप के कारण तक्षक नाग ने राजा परीक्षित को डसा था, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। इससे क्रुद्ध होकर प्रतिशोध की भावना से उसके पुत्र जनमेजय ने सर्पयज्ञ किया। मंत्राहुत होकर सर्प यज्ञकुण्ड में आ-आकर गिरने लगे। इसी बीच वासुकी की बहन नाग कन्या, जरत्कात का पुत्र आस्तीक आकर जनमेजय और उसके यज्ञ अनुष्ठान की छलपूर्वक प्रशंसा करने लगा। उससे प्रसन्न होकर जनमेजय ने उससे वर माँगने को कहा। ऋत्विजों ने राजा को वर देने से मना किया। तक्षक मंत्राहूत होकर मण्डप के पास आ ही गया था कि तभी आस्तीक ने वर माँगा कि यज्ञ बन्द क्र दिया जाए। बचन बद्ध होकर जनमेजय को यज्ञ बन्द कर देना पड़ा और जनमेजय को इसका पश्चाताप बना रहा कि वह अपने पिता की मृत्यु का बदला न ले सका। वास्तविक शत्रु तक्षक बच ही गया।

जनमेयज ने कौन-सा यज्ञ किया?
Q3mediummcqHindiHindi Mock Test - 12026
0% accuracy
निर्देश: दिए गए गद्यांश के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
पुराणानुसार श्रृंगी ऋषि के शाप के कारण तक्षक नाग ने राजा परीक्षित को डसा था, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। इससे क्रुद्ध होकर प्रतिशोध की भावना से उसके पुत्र जनमेजय ने सर्पयज्ञ किया। मंत्राहुत होकर सर्प यज्ञकुण्ड में आ-आकर गिरने लगे। इसी बीच वासुकी की बहन नाग कन्या, जरत्कात का पुत्र आस्तीक आकर जनमेजय और उसके यज्ञ अनुष्ठान की छलपूर्वक प्रशंसा करने लगा। उससे प्रसन्न होकर जनमेजय ने उससे वर माँगने को कहा। ऋत्विजों ने राजा को वर देने से मना किया। तक्षक मंत्राहूत होकर मण्डप के पास आ ही गया था कि तभी आस्तीक ने वर माँगा कि यज्ञ बन्द क्र दिया जाए। बचन बद्ध होकर जनमेजय को यज्ञ बन्द कर देना पड़ा और जनमेजय को इसका पश्चाताप बना रहा कि वह अपने पिता की मृत्यु का बदला न ले सका। वास्तविक शत्रु तक्षक बच ही गया।

जनमेजय के पिता का नाम क्या था?
Q4mediummcqHindiHindi Mock Test - 12026
0% accuracy
निर्देश: दिए गए गद्यांश के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए |राजा दशरथ के तीन विवाह होने पर भी उनके यहाँ कोई उत्तराधिकारी नहीं हुआ | राजा के वानप्रस्थ का समय समीप आता जा रहा था, उनकी चिन्ता बढ़ती जा रही थी | इस हेतु उन्होंने ऋषि-मुनियों से संपर्क क्र उपाय हेतु सलाह करना प्रारंभ कर दिया | महर्षि वशिष्ठ ने उनसे कहा - राजन आपकी कुल-परम्परा में पूर्व में भी इस प्रकार का समय आ चुका है | महाराज दिलीप को जब संतान प्राप्ति नहीं हुई थी, तब उन्होंने भी आयुर्वेद के आचार्यों को बुलाकर पुत्र यज्ञ कराया था, जिसके परिणामस्वरुप आपके कुल पिता रघु का जन्म हुआ था | अब पुनः वही परिस्थिति उत्पन्न हुई है | आप पुत्र यज्ञ का आयोजन करें | आपको अवश्य सुखद फल प्राप्त होगा | वर्तमान में आपके ही दामाद महर्षि श्रृंगी आयुर्वेदाचार्य व यज्ञों के ज्ञाता है | हम उन्हें ही आमंत्रित कर यज्ञ का आयोजन करें, तब श्रेष्ठ होगा |राजा दशरथ के कुल पिता कौन थे?
Q5mediummcqHindiHindi Mock Test - 12026
0% accuracy
निर्देश: दिए गए गद्यांश के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
पुराणानुसार श्रृंगी ऋषि के शाप के कारण तक्षक नाग ने राजा परीक्षित को डसा था, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। इससे क्रुद्ध होकर प्रतिशोध की भावना से उसके पुत्र जनमेजय ने सर्पयज्ञ किया। मंत्राहुत होकर सर्प यज्ञकुण्ड में आ-आकर गिरने लगे। इसी बीच वासुकी की बहन नाग कन्या, जरत्कात का पुत्र आस्तीक आकर जनमेजय और उसके यज्ञ अनुष्ठान की छलपूर्वक प्रशंसा करने लगा। उससे प्रसन्न होकर जनमेजय ने उससे वर माँगने को कहा। ऋत्विजों ने राजा को वर देने से मना किया। तक्षक मंत्राहूत होकर मण्डप के पास आ ही गया था कि तभी आस्तीक ने वर माँगा कि यज्ञ बन्द क्र दिया जाए। बचन बद्ध होकर जनमेजय को यज्ञ बन्द कर देना पड़ा और जनमेजय को इसका पश्चाताप बना रहा कि वह अपने पिता की मृत्यु का बदला न ले सका। वास्तविक शत्रु तक्षक बच ही गया।

जनमेजय के यज्ञ की प्रशंसा किसने की?
Q6mediummcqHindiHindi Mock Test - 12026
22% accuracy
निर्देश: दिए गए गद्यांश के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
पुराणानुसार श्रृंगी ऋषि के शाप के कारण तक्षक नाग ने राजा परीक्षित को डसा था, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। इससे क्रुद्ध होकर प्रतिशोध की भावना से उसके पुत्र जनमेजय ने सर्पयज्ञ किया। मंत्राहुत होकर सर्प यज्ञकुण्ड में आ-आकर गिरने लगे। इसी बीच वासुकी की बहन नाग कन्या, जरत्कात का पुत्र आस्तीक आकर जनमेजय और उसके यज्ञ अनुष्ठान की छलपूर्वक प्रशंसा करने लगा। उससे प्रसन्न होकर जनमेजय ने उससे वर माँगने को कहा। ऋत्विजों ने राजा को वर देने से मना किया। तक्षक मंत्राहूत होकर मण्डप के पास आ ही गया था कि तभी आस्तीक ने वर माँगा कि यज्ञ बन्द क्र दिया जाए। बचन बद्ध होकर जनमेजय को यज्ञ बन्द कर देना पड़ा और जनमेजय को इसका पश्चाताप बना रहा कि वह अपने पिता की मृत्यु का बदला न ले सका। वास्तविक शत्रु तक्षक बच ही गया।

परीक्षित को किस ऋषि ने शाप दिया था?
Q7mediummcqHindiHindi Mock Test - 12026
11% accuracy
निर्देश: दिए गए गद्यांश के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए |राजा दशरथ के तीन विवाह होने पर भी उनके यहाँ कोई उत्तराधिकारी नहीं हुआ | राजा के वानप्रस्थ का समय समीप आता जा रहा था, उनकी चिन्ता बढ़ती जा रही थी | इस हेतु उन्होंने ऋषि-मुनियों से संपर्क क्र उपाय हेतु सलाह करना प्रारंभ कर दिया | महर्षि वशिष्ठ ने उनसे कहा - राजन आपकी कुल-परम्परा में पूर्व में भी इस प्रकार का समय आ चुका है | महाराज दिलीप को जब संतान प्राप्ति नहीं हुई थी, तब उन्होंने भी आयुर्वेद के आचार्यों को बुलाकर पुत्र यज्ञ कराया था, जिसके परिणामस्वरुप आपके कुल पिता रघु का जन्म हुआ था | अब पुनः वही परिस्थिति उत्पन्न हुई है | आप पुत्र यज्ञ का आयोजन करें | आपको अवश्य सुखद फल प्राप्त होगा | वर्तमान में आपके ही दामाद महर्षि श्रृंगी आयुर्वेदाचार्य व यज्ञों के ज्ञाता है | हम उन्हें ही आमंत्रित कर यज्ञ का आयोजन करें, तब श्रेष्ठ होगा |राजा दशरथ के कितने विवाह हुए?
Q8mediummcqHindiHindi Mock Test - 12026
0% accuracy
निर्देश: दिए गए गद्यांश के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए |राजा दशरथ के तीन विवाह होने पर भी उनके यहाँ कोई उत्तराधिकारी नहीं हुआ | राजा के वानप्रस्थ का समय समीप आता जा रहा था, उनकी चिन्ता बढ़ती जा रही थी | इस हेतु उन्होंने ऋषि-मुनियों से संपर्क क्र उपाय हेतु सलाह करना प्रारंभ कर दिया | महर्षि वशिष्ठ ने उनसे कहा - राजन आपकी कुल-परम्परा में पूर्व में भी इस प्रकार का समय आ चुका है | महाराज दिलीप को जब संतान प्राप्ति नहीं हुई थी, तब उन्होंने भी आयुर्वेद के आचार्यों को बुलाकर पुत्र यज्ञ कराया था, जिसके परिणामस्वरुप आपके कुल पिता रघु का जन्म हुआ था | अब पुनः वही परिस्थिति उत्पन्न हुई है | आप पुत्र यज्ञ का आयोजन करें | आपको अवश्य सुखद फल प्राप्त होगा | वर्तमान में आपके ही दामाद महर्षि श्रृंगी आयुर्वेदाचार्य व यज्ञों के ज्ञाता है | हम उन्हें ही आमंत्रित कर यज्ञ का आयोजन करें, तब श्रेष्ठ होगा |महर्षि वशिष्ठ ने राजा दशरथ को क्या सलाह दी?
Q9mediummcqHindiHindi Mock Test - 12026
22% accuracy
निर्देश: दिए गए गद्यांश के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
पुराणानुसार श्रृंगी ऋषि के शाप के कारण तक्षक नाग ने राजा परीक्षित को डसा था, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। इससे क्रुद्ध होकर प्रतिशोध की भावना से उसके पुत्र जनमेजय ने सर्पयज्ञ किया। मंत्राहुत होकर सर्प यज्ञकुण्ड में आ-आकर गिरने लगे। इसी बीच वासुकी की बहन नाग कन्या, जरत्कात का पुत्र आस्तीक आकर जनमेजय और उसके यज्ञ अनुष्ठान की छलपूर्वक प्रशंसा करने लगा। उससे प्रसन्न होकर जनमेजय ने उससे वर माँगने को कहा। ऋत्विजों ने राजा को वर देने से मना किया। तक्षक मंत्राहूत होकर मण्डप के पास आ ही गया था कि तभी आस्तीक ने वर माँगा कि यज्ञ बन्द क्र दिया जाए। बचन बद्ध होकर जनमेजय को यज्ञ बन्द कर देना पड़ा और जनमेजय को इसका पश्चाताप बना रहा कि वह अपने पिता की मृत्यु का बदला न ले सका। वास्तविक शत्रु तक्षक बच ही गया।

जनमेजय को वर देने से किसने मना किया?
Q10mediummcqHindiHindi Mock Test - 12026
11% accuracy
निर्देश: दिए गए गद्यांश के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए |राजा दशरथ के तीन विवाह होने पर भी उनके यहाँ कोई उत्तराधिकारी नहीं हुआ | राजा के वानप्रस्थ का समय समीप आता जा रहा था, उनकी चिन्ता बढ़ती जा रही थी | इस हेतु उन्होंने ऋषि-मुनियों से संपर्क क्र उपाय हेतु सलाह करना प्रारंभ कर दिया | महर्षि वशिष्ठ ने उनसे कहा - राजन आपकी कुल-परम्परा में पूर्व में भी इस प्रकार का समय आ चुका है | महाराज दिलीप को जब संतान प्राप्ति नहीं हुई थी, तब उन्होंने भी आयुर्वेद के आचार्यों को बुलाकर पुत्र यज्ञ कराया था, जिसके परिणामस्वरुप आपके कुल पिता रघु का जन्म हुआ था | अब पुनः वही परिस्थिति उत्पन्न हुई है | आप पुत्र यज्ञ का आयोजन करें | आपको अवश्य सुखद फल प्राप्त होगा | वर्तमान में आपके ही दामाद महर्षि श्रृंगी आयुर्वेदाचार्य व यज्ञों के ज्ञाता है | हम उन्हें ही आमंत्रित कर यज्ञ का आयोजन करें, तब श्रेष्ठ होगा |राजा दशरथ ने किससे सलाह लेना आरंभ किया?
Q11mediummcqGeneral KnowledgeUP Police Constable Previous Year Paper2026
According to a legend, which God sacrificed ten horses during Dashashwamedh yajna performed at the Dashashwamedh Ghat?

Frequently Asked Questions

How many Mythology questions are on ExamTest.live?
We have 11 Mythology questions spread across 1 pages, covering easy, medium, and hard difficulty levels with detailed explanations.
Are Mythology MCQs free?
Yes. All Mythology questions, answers, and explanations on ExamTest.live are completely free. No account or subscription required.
Which exams include Mythology questions?
Mythology questions are commonly asked in Hindi, General Knowledge. You can filter by exam using the links above.
How do I practice Mythology questions effectively?
Start with easy questions to build confidence, then tackle medium and hard ones. Use the filter buttons to sort by difficulty. Reveal the answer only after attempting each question, and read the explanation thoroughly.