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Unseen Passage Questions

Practice 58 Unseen Passage questions with detailed answers and explanations. Free MCQs, PYQs, and mock test questions for NEET, JEE, GATE, SSC and more.

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About Unseen Passage — practice questions, PYQs & concepts

Unseen Passage is a frequently-tested topic on Hindi, Hindi Language. ExamTest.live currently lists 58 Unseen Passage questions spanning previous-year papers from 2018 to 2026, each with worked solutions and a step-by-step explanation. Use the filters on this page to focus on a specific exam, difficulty level or year — every answer key is free, no sign-up required.

Unseen Passage weight in competitive exams

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All Unseen Passage Questions(158 of 58)

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Q1mediummcqHindiHindi Mock Test - 12026
0% accuracy
निर्देश: बाघ भारत का राष्ट्रीय पशु है। यह वनों में पाया जाता है, इसकी देह पतली और हलकी होती है। इस पर गहरी कत्थई रंग की धारियाँ होती हैं जो देखने में बहुत सुन्दर लगती है। इसका मुँह छोटा होता है और इसकी दहाड़ शेर के सामान दिल दहलाने वाली नहीं होती है, यह हमेशा टेढ़ी चाल चलता है और कभी भी अपने शिकार पर सामने से आक्रमण नहीं करता, इसका आक्रमण हमेशा छिपकर होता है। यह बहुत चालाक पशु है। इसकी छलाँग शेर से लम्बी होती है और दौड़ने का वेग भी उससे अधिक होता है। यह खूँखार मासांहारी पशुओं में स्फूर्ति के लिए प्रसिद्ध है। यह कभी - कभी वन में लगे पौधों के बीच में छुपकर गाय, बकरी आदि का शिकार करता है। बाघ स्फूर्ति, चतुराई, साहस और तीव्रता का प्रतीक होने के कारण भारत का राष्ट्रीय पशु है।
निम्नलिखित में कौन - सा कथन सही है ?
Q2mediummcqHindiHindi Mock Test - 12026
22% accuracy
निर्देश: निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्न के उत्तर दीजिए-
एक कृषि-प्रधान देश में जीविका का प्रमुख साधन कृषि हो सकती है, परंतु रोजी-रोटी का यह साधन आमतौर से अस्पृश्यों के लिए उपलब्ध नहीं है। इसके कई कारण हैं। पहली बात तो यह है कि जमीन खरीदना उनके वश की बात नहीं और दूसरी यह कि यदि अस्पृश्य जमीन खरीदने की स्थिति में है, तो भी वह ऐसा नहीं कर सकता। देश के अधिकांश भागों में हिंदू इस बात को बर्दाश्त नहीं कर सकते कि अस्पृश्य जाति का कोई व्यक्ति जमीन खरीदकर स्पृश्य जाति की बराबरी का प्रयत्न करे। किसी अस्पृश्य के ऐसे दुस्साहस का विरोध ही नहीं किया जाता, बल्कि उसको सजा भी भुगतनी पड़ सकती है। कुछ भागों में तो उनके जमीन खरीदने पर कानूनी प्रतिबंध है। उदाहरणार्थ, पंजाब प्रांत में एक कानून है जिसका नाम है, भूमि स्वामित्व अधिनियम। इस कानून में उन जातियों का उल्लेख किया गया है, जो जमीन खरीद सकती हैं और अस्पृश्यों को इस सूची में शामिल नहीं किया गया है। इसके परिणामस्वरूप अधिकांश भागों में अस्पृश्य भूमिहीन मजदूर रहने के लिए विवश है और मजदूर के रूप में वे वाजिब मजदूरी की माँग नहीं कर सकते। वे हिंदू किसानों के लिए उसी मजदूरी पर काम करने को मजबूर हैं, जो उन्हें मालिक देना चाहे। इस प्रश्न पर हिंदू किसान मजदूरी कम से कम रखने के लिए आपस में एकमत हो जाते हैं, क्योंकि यह उनके हित में होता है। दूसरी और अस्पृश्यों के पास कोई चारा नहीं रहता। वे या तो उसी मजदूरी पर काम करें अथवा भूखों मरें। न ही उनमें मोल-तौल करने की क्षमता होती है। वे या तो निश्चित की हुई दरों पर काम करें या फिर पिटाई के लिए तैयार रहें।

अस्पृश्य वाजिब मजदूरी को मना नहीं कर सकते क्योंकि-
Q3mediummcqHindiHindi Mock Test - 12026
0% accuracy
निर्देशः निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गये प्रश्नों के सर्वाधिक उचित उत्तर वाले विकल्प का चयन कीजिए।
साहित्योन्नति के साधनों में पुस्तकालयों का स्थान अत्यन्त महत्वपूर्ण है। इनके द्वारा साहित्य के जीवन की रक्षा, पुष्टि और अभिवृद्धि होती है। पुस्तकालय, सभ्यता के इतिहास का जीता जागता गवाह है। इसी के बल पर वर्तमान भारत को अपने अतीत गौरव पर गर्व है। पुस्तकालय भारत के लिये कोई नई वस्तु नहीं है। लिपि के आविष्कार से आज तक लोग निरन्तर पुस्तकों का संग्रह करते रहे हैं। पहले देवालय, विद्यालय, नृपालय इन संग्रहों के प्रमुख स्थान होते थे। इनके अतिरिक्त विद्वत्जनों के अपने निजी पुस्तकालय भी होते थे। मुद्रण कला के आविष्कार से पूर्व पुस्तकों का संग्रह करना आजकल की तरह सरल बात न थी। आजकल साधारण स्थिति के पुस्तकालय में जितनी सम्पत्ति लगती है, उतनी उन दिनों कभी-कभी एक-एक पुस्तक की तैयारी में लग जाया करती थी। भारत के पुस्तकालय संसार भर में अपनी सानी नहीं रखते थे। प्राचीन काल में मुगल सम्राटों के समय तक यही स्थिति रही। चीन-फारस प्रभृति सुदूर स्थित देशों से झुण्ड के झुण्ड विद्यानुरागी लम्बी यात्रायें करके भारत आया करते थे।

गद्यांश का उचित शीर्षक क्या हो सकता है?
Q4mediummcqHindiHindi Mock Test - 12026
11% accuracy
निर्देश: दिए गए गद्यांश के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए |राजा दशरथ के तीन विवाह होने पर भी उनके यहाँ कोई उत्तराधिकारी नहीं हुआ | राजा के वानप्रस्थ का समय समीप आता जा रहा था, उनकी चिन्ता बढ़ती जा रही थी | इस हेतु उन्होंने ऋषि-मुनियों से संपर्क क्र उपाय हेतु सलाह करना प्रारंभ कर दिया | महर्षि वशिष्ठ ने उनसे कहा - राजन आपकी कुल-परम्परा में पूर्व में भी इस प्रकार का समय आ चुका है | महाराज दिलीप को जब संतान प्राप्ति नहीं हुई थी, तब उन्होंने भी आयुर्वेद के आचार्यों को बुलाकर पुत्र यज्ञ कराया था, जिसके परिणामस्वरुप आपके कुल पिता रघु का जन्म हुआ था | अब पुनः वही परिस्थिति उत्पन्न हुई है | आप पुत्र यज्ञ का आयोजन करें | आपको अवश्य सुखद फल प्राप्त होगा | वर्तमान में आपके ही दामाद महर्षि श्रृंगी आयुर्वेदाचार्य व यज्ञों के ज्ञाता है | हम उन्हें ही आमंत्रित कर यज्ञ का आयोजन करें, तब श्रेष्ठ होगा |राजा दशरथ ने किससे सलाह लेना आरंभ किया?
Q5mediummcqHindiHindi Mock Test - 12026
44% accuracy
निर्देश: निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए -
लोक साहित्य वह साहित्य है जो जनमानस की चित्तवृत्तियों से संबंधित है। यह मानव मन की उपज है। लोक साहित्य शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है लोक और साहित्य। लोक का अर्थ है जन सामान्य वर्ग और साहित्य का अर्थ है उस जन सामान्य वर्ग की संपूर्ण भावनाओं की अभिव्यक्ति। लोक साहित्य किसी भी समाज, वर्ग या समूह के सामूहिक जीवन का दर्पण होता है। इसमें किसी व्यक्ति विशेष का चिंतन, विवेचन या विश्लेषण नहीं होता बल्कि सामूहिक चेतना, अनुभवों, संवेदनाओं की अभिव्यक्ति रहती है। किसी भी समाज के इतिहास और संस्कृति को समझने के लिए लोक साहित्य का अध्ययन आवश्यक होता है। मानवता का वास्तविक इतिहास लोक साहित्य के आधार पर ही निर्मित होता है। लोक साहित्य लोक का साहित्य है, लोक चेतना का साहित्य है, लोक मानस और लोक संस्कृति का साहित्य है, लोगों के जीवन अनुभवों का सत्य है। यह सहज, सरल, अनौपचारिक और आडंबर रहित साहित्य है। इसमें आम जनता के रीति-रिवाज, विधि-विधान, क्रियाकलाप, विश्वास, प्रथाएं, परंपराएं आदि सभी कुछ समाहित रहता है। लोक साहित्य लोक जीवन को प्रतिध्वनित करने वाला साहित्य है। यह साहित्य मौखिक है तथा कृत्रिमता और आडंबर से कोसों दूर है। इसमें आमजन के हास-परिहास तथा दैनिक क्रियाकलापों का स्वाभाविक वर्णन मिलता है।

लोक साहित्य किसका प्रतिनिधित्व करता है?
Q6mediummcqHindiHindi Mock Test - 12026
22% accuracy
निर्देशः निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गये प्रश्नों के सर्वाधिक उचित उत्तर वाले विकल्प का चयन कीजिए।
साहित्योन्नति के साधनों में पुस्तकालयों का स्थान अत्यन्त महत्वपूर्ण है। इनके द्वारा साहित्य के जीवन की रक्षा, पुष्टि और अभिवृद्धि होती है। पुस्तकालय, सभ्यता के इतिहास का जीता जागता गवाह है। इसी के बल पर वर्तमान भारत को अपने अतीत गौरव पर गर्व है। पुस्तकालय भारत के लिये कोई नई वस्तु नहीं है। लिपि के आविष्कार से आज तक लोग निरन्तर पुस्तकों का संग्रह करते रहे हैं। पहले देवालय, विद्यालय, नृपालय इन संग्रहों के प्रमुख स्थान होते थे। इनके अतिरिक्त विद्वत्जनों के अपने निजी पुस्तकालय भी होते थे। मुद्रण कला के आविष्कार से पूर्व पुस्तकों का संग्रह करना आजकल की तरह सरल बात न थी। आजकल साधारण स्थिति के पुस्तकालय में जितनी सम्पत्ति लगती है, उतनी उन दिनों कभी-कभी एक-एक पुस्तक की तैयारी में लग जाया करती थी। भारत के पुस्तकालय संसार भर में अपनी सानी नहीं रखते थे। प्राचीन काल में मुगल सम्राटों के समय तक यही स्थिति रही। चीन-फारस प्रभृति सुदूर स्थित देशों से झुण्ड के झुण्ड विद्यानुरागी लम्बी यात्रायें करके भारत आया करते थे।

साहित्य की उन्नति का सबसे अधिक महत्वपूर्ण साधन क्या है-
Q7mediummcqHindiHindi Mock Test - 12026
11% accuracy
निर्देश: बाघ भारत का राष्ट्रीय पशु है। यह वनों में पाया जाता है, इसकी देह पतली और हलकी होती है। इस पर गहरी कत्थई रंग की धारियाँ होती हैं जो देखने में बहुत सुन्दर लगती है। इसका मुँह छोटा होता है और इसकी दहाड़ शेर के सामान दिल दहलाने वाली नहीं होती है, यह हमेशा टेढ़ी चाल चलता है और कभी भी अपने शिकार पर सामने से आक्रमण नहीं करता, इसका आक्रमण हमेशा छिपकर होता है। यह बहुत चालाक पशु है। इसकी छलाँग शेर से लम्बी होती है और दौड़ने का वेग भी उससे अधिक होता है। यह खूँखार मासांहारी पशुओं में स्फूर्ति के लिए प्रसिद्ध है। यह कभी - कभी वन में लगे पौधों के बीच में छुपकर गाय, बकरी आदि का शिकार करता है। बाघ स्फूर्ति, चतुराई, साहस और तीव्रता का प्रतीक होने के कारण भारत का राष्ट्रीय पशु है।
उपयुक्त गद्यांश का उपयुक्त शीर्षक लिखिए ?
Q8mediummcqHindiHindi Mock Test - 12026
22% accuracy
निर्देश: दिए गए गद्यांश के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
पुराणानुसार श्रृंगी ऋषि के शाप के कारण तक्षक नाग ने राजा परीक्षित को डसा था, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। इससे क्रुद्ध होकर प्रतिशोध की भावना से उसके पुत्र जनमेजय ने सर्पयज्ञ किया। मंत्राहुत होकर सर्प यज्ञकुण्ड में आ-आकर गिरने लगे। इसी बीच वासुकी की बहन नाग कन्या, जरत्कात का पुत्र आस्तीक आकर जनमेजय और उसके यज्ञ अनुष्ठान की छलपूर्वक प्रशंसा करने लगा। उससे प्रसन्न होकर जनमेजय ने उससे वर माँगने को कहा। ऋत्विजों ने राजा को वर देने से मना किया। तक्षक मंत्राहूत होकर मण्डप के पास आ ही गया था कि तभी आस्तीक ने वर माँगा कि यज्ञ बन्द क्र दिया जाए। बचन बद्ध होकर जनमेजय को यज्ञ बन्द कर देना पड़ा और जनमेजय को इसका पश्चाताप बना रहा कि वह अपने पिता की मृत्यु का बदला न ले सका। वास्तविक शत्रु तक्षक बच ही गया।

जनमेजय को वर देने से किसने मना किया?
Q9mediummcqHindiHindi Mock Test - 12026
0% accuracy
निर्देश: दिए गए गद्यांश के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए |राजा दशरथ के तीन विवाह होने पर भी उनके यहाँ कोई उत्तराधिकारी नहीं हुआ | राजा के वानप्रस्थ का समय समीप आता जा रहा था, उनकी चिन्ता बढ़ती जा रही थी | इस हेतु उन्होंने ऋषि-मुनियों से संपर्क क्र उपाय हेतु सलाह करना प्रारंभ कर दिया | महर्षि वशिष्ठ ने उनसे कहा - राजन आपकी कुल-परम्परा में पूर्व में भी इस प्रकार का समय आ चुका है | महाराज दिलीप को जब संतान प्राप्ति नहीं हुई थी, तब उन्होंने भी आयुर्वेद के आचार्यों को बुलाकर पुत्र यज्ञ कराया था, जिसके परिणामस्वरुप आपके कुल पिता रघु का जन्म हुआ था | अब पुनः वही परिस्थिति उत्पन्न हुई है | आप पुत्र यज्ञ का आयोजन करें | आपको अवश्य सुखद फल प्राप्त होगा | वर्तमान में आपके ही दामाद महर्षि श्रृंगी आयुर्वेदाचार्य व यज्ञों के ज्ञाता है | हम उन्हें ही आमंत्रित कर यज्ञ का आयोजन करें, तब श्रेष्ठ होगा |महर्षि वशिष्ठ ने राजा दशरथ को क्या सलाह दी?
Q10mediummcqHindiHindi Mock Test - 12026
11% accuracy
निर्देशः निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गये प्रश्नों के सर्वाधिक उचित उत्तर वाले विकल्प का चयन कीजिए।
साहित्योन्नति के साधनों में पुस्तकालयों का स्थान अत्यन्त महत्वपूर्ण है। इनके द्वारा साहित्य के जीवन की रक्षा, पुष्टि और अभिवृद्धि होती है। पुस्तकालय, सभ्यता के इतिहास का जीता जागता गवाह है। इसी के बल पर वर्तमान भारत को अपने अतीत गौरव पर गर्व है। पुस्तकालय भारत के लिये कोई नई वस्तु नहीं है। लिपि के आविष्कार से आज तक लोग निरन्तर पुस्तकों का संग्रह करते रहे हैं। पहले देवालय, विद्यालय, नृपालय इन संग्रहों के प्रमुख स्थान होते थे। इनके अतिरिक्त विद्वत्जनों के अपने निजी पुस्तकालय भी होते थे। मुद्रण कला के आविष्कार से पूर्व पुस्तकों का संग्रह करना आजकल की तरह सरल बात न थी। आजकल साधारण स्थिति के पुस्तकालय में जितनी सम्पत्ति लगती है, उतनी उन दिनों कभी-कभी एक-एक पुस्तक की तैयारी में लग जाया करती थी। भारत के पुस्तकालय संसार भर में अपनी सानी नहीं रखते थे। प्राचीन काल में मुगल सम्राटों के समय तक यही स्थिति रही। चीन-फारस प्रभृति सुदूर स्थित देशों से झुण्ड के झुण्ड विद्यानुरागी लम्बी यात्रायें करके भारत आया करते थे।

पुस्तकालयों के द्वारा भारत को क्या गौरव प्राप्त था?
Q11mediummcqHindiHindi Mock Test - 12026
11% accuracy
निर्देश: दिए गए गद्यांश के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए |राजा दशरथ के तीन विवाह होने पर भी उनके यहाँ कोई उत्तराधिकारी नहीं हुआ | राजा के वानप्रस्थ का समय समीप आता जा रहा था, उनकी चिन्ता बढ़ती जा रही थी | इस हेतु उन्होंने ऋषि-मुनियों से संपर्क क्र उपाय हेतु सलाह करना प्रारंभ कर दिया | महर्षि वशिष्ठ ने उनसे कहा - राजन आपकी कुल-परम्परा में पूर्व में भी इस प्रकार का समय आ चुका है | महाराज दिलीप को जब संतान प्राप्ति नहीं हुई थी, तब उन्होंने भी आयुर्वेद के आचार्यों को बुलाकर पुत्र यज्ञ कराया था, जिसके परिणामस्वरुप आपके कुल पिता रघु का जन्म हुआ था | अब पुनः वही परिस्थिति उत्पन्न हुई है | आप पुत्र यज्ञ का आयोजन करें | आपको अवश्य सुखद फल प्राप्त होगा | वर्तमान में आपके ही दामाद महर्षि श्रृंगी आयुर्वेदाचार्य व यज्ञों के ज्ञाता है | हम उन्हें ही आमंत्रित कर यज्ञ का आयोजन करें, तब श्रेष्ठ होगा |राजा दशरथ के कितने विवाह हुए?
Q12mediummcqHindiHindi Mock Test - 12026
22% accuracy
निर्देश: दिए गए गद्यांश के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
पुराणानुसार श्रृंगी ऋषि के शाप के कारण तक्षक नाग ने राजा परीक्षित को डसा था, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। इससे क्रुद्ध होकर प्रतिशोध की भावना से उसके पुत्र जनमेजय ने सर्पयज्ञ किया। मंत्राहुत होकर सर्प यज्ञकुण्ड में आ-आकर गिरने लगे। इसी बीच वासुकी की बहन नाग कन्या, जरत्कात का पुत्र आस्तीक आकर जनमेजय और उसके यज्ञ अनुष्ठान की छलपूर्वक प्रशंसा करने लगा। उससे प्रसन्न होकर जनमेजय ने उससे वर माँगने को कहा। ऋत्विजों ने राजा को वर देने से मना किया। तक्षक मंत्राहूत होकर मण्डप के पास आ ही गया था कि तभी आस्तीक ने वर माँगा कि यज्ञ बन्द क्र दिया जाए। बचन बद्ध होकर जनमेजय को यज्ञ बन्द कर देना पड़ा और जनमेजय को इसका पश्चाताप बना रहा कि वह अपने पिता की मृत्यु का बदला न ले सका। वास्तविक शत्रु तक्षक बच ही गया।

परीक्षित को किस ऋषि ने शाप दिया था?
Q13mediummcqHindiHindi Mock Test - 12026
11% accuracy
निर्देश: निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्न के उत्तर दीजिए-
एक कृषि-प्रधान देश में जीविका का प्रमुख साधन कृषि हो सकती है, परंतु रोजी-रोटी का यह साधन आमतौर से अस्पृश्यों के लिए उपलब्ध नहीं है। इसके कई कारण हैं। पहली बात तो यह है कि जमीन खरीदना उनके वश की बात नहीं और दूसरी यह कि यदि अस्पृश्य जमीन खरीदने की स्थिति में है, तो भी वह ऐसा नहीं कर सकता। देश के अधिकांश भागों में हिंदू इस बात को बर्दाश्त नहीं कर सकते कि अस्पृश्य जाति का कोई व्यक्ति जमीन खरीदकर स्पृश्य जाति की बराबरी का प्रयत्न करे। किसी अस्पृश्य के ऐसे दुस्साहस का विरोध ही नहीं किया जाता, बल्कि उसको सजा भी भुगतनी पड़ सकती है। कुछ भागों में तो उनके जमीन खरीदने पर कानूनी प्रतिबंध है। उदाहरणार्थ, पंजाब प्रांत में एक कानून है जिसका नाम है, भूमि स्वामित्व अधिनियम। इस कानून में उन जातियों का उल्लेख किया गया है, जो जमीन खरीद सकती हैं और अस्पृश्यों को इस सूची में शामिल नहीं किया गया है। इसके परिणामस्वरूप अधिकांश भागों में अस्पृश्य भूमिहीन मजदूर रहने के लिए विवश है और मजदूर के रूप में वे वाजिब मजदूरी की माँग नहीं कर सकते। वे हिंदू किसानों के लिए उसी मजदूरी पर काम करने को मजबूर हैं, जो उन्हें मालिक देना चाहे। इस प्रश्न पर हिंदू किसान मजदूरी कम से कम रखने के लिए आपस में एकमत हो जाते हैं, क्योंकि यह उनके हित में होता है। दूसरी और अस्पृश्यों के पास कोई चारा नहीं रहता। वे या तो उसी मजदूरी पर काम करें अथवा भूखों मरें। न ही उनमें मोल-तौल करने की क्षमता होती है। वे या तो निश्चित की हुई दरों पर काम करें या फिर पिटाई के लिए तैयार रहें।

दिए गए विकल्पों में कौन सा कथन अनुचित है?
Q14mediummcqHindiHindi Mock Test - 12026
22% accuracy
निर्देश: बाघ भारत का राष्ट्रीय पशु है। यह वनों में पाया जाता है, इसकी देह पतली और हलकी होती है। इस पर गहरी कत्थई रंग की धारियाँ होती हैं जो देखने में बहुत सुन्दर लगती है। इसका मुँह छोटा होता है और इसकी दहाड़ शेर के सामान दिल दहलाने वाली नहीं होती है, यह हमेशा टेढ़ी चाल चलता है और कभी भी अपने शिकार पर सामने से आक्रमण नहीं करता, इसका आक्रमण हमेशा छिपकर होता है। यह बहुत चालाक पशु है। इसकी छलाँग शेर से लम्बी होती है और दौड़ने का वेग भी उससे अधिक होता है। यह खूँखार मासांहारी पशुओं में स्फूर्ति के लिए प्रसिद्ध है। यह कभी - कभी वन में लगे पौधों के बीच में छुपकर गाय, बकरी आदि का शिकार करता है। बाघ स्फूर्ति, चतुराई, साहस और तीव्रता का प्रतीक होने के कारण भारत का राष्ट्रीय पशु है।
किस पशु की छलाँग शेर से तेज होती है ?
Q15mediummcqHindiHindi Mock Test - 12026
0% accuracy
निर्देश: दिए गए गद्यांश के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
पुराणानुसार श्रृंगी ऋषि के शाप के कारण तक्षक नाग ने राजा परीक्षित को डसा था, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। इससे क्रुद्ध होकर प्रतिशोध की भावना से उसके पुत्र जनमेजय ने सर्पयज्ञ किया। मंत्राहुत होकर सर्प यज्ञकुण्ड में आ-आकर गिरने लगे। इसी बीच वासुकी की बहन नाग कन्या, जरत्कात का पुत्र आस्तीक आकर जनमेजय और उसके यज्ञ अनुष्ठान की छलपूर्वक प्रशंसा करने लगा। उससे प्रसन्न होकर जनमेजय ने उससे वर माँगने को कहा। ऋत्विजों ने राजा को वर देने से मना किया। तक्षक मंत्राहूत होकर मण्डप के पास आ ही गया था कि तभी आस्तीक ने वर माँगा कि यज्ञ बन्द क्र दिया जाए। बचन बद्ध होकर जनमेजय को यज्ञ बन्द कर देना पड़ा और जनमेजय को इसका पश्चाताप बना रहा कि वह अपने पिता की मृत्यु का बदला न ले सका। वास्तविक शत्रु तक्षक बच ही गया।

जनमेजय के यज्ञ की प्रशंसा किसने की?
Q16mediummcqHindiHindi Mock Test - 12026
11% accuracy
निर्देश: बाघ भारत का राष्ट्रीय पशु है। यह वनों में पाया जाता है, इसकी देह पतली और हलकी होती है। इस पर गहरी कत्थई रंग की धारियाँ होती हैं जो देखने में बहुत सुन्दर लगती है। इसका मुँह छोटा होता है और इसकी दहाड़ शेर के सामान दिल दहलाने वाली नहीं होती है, यह हमेशा टेढ़ी चाल चलता है और कभी भी अपने शिकार पर सामने से आक्रमण नहीं करता, इसका आक्रमण हमेशा छिपकर होता है। यह बहुत चालाक पशु है। इसकी छलाँग शेर से लम्बी होती है और दौड़ने का वेग भी उससे अधिक होता है। यह खूँखार मासांहारी पशुओं में स्फूर्ति के लिए प्रसिद्ध है। यह कभी - कभी वन में लगे पौधों के बीच में छुपकर गाय, बकरी आदि का शिकार करता है। बाघ स्फूर्ति, चतुराई, साहस और तीव्रता का प्रतीक होने के कारण भारत का राष्ट्रीय पशु है।
गद्यांश में खूँखार का क्या अर्थ है ?
Q17mediummcqHindiHindi Mock Test - 12026
22% accuracy
निर्देश: निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्न के उत्तर दीजिए-
एक कृषि-प्रधान देश में जीविका का प्रमुख साधन कृषि हो सकती है, परंतु रोजी-रोटी का यह साधन आमतौर से अस्पृश्यों के लिए उपलब्ध नहीं है। इसके कई कारण हैं। पहली बात तो यह है कि जमीन खरीदना उनके वश की बात नहीं और दूसरी यह कि यदि अस्पृश्य जमीन खरीदने की स्थिति में है, तो भी वह ऐसा नहीं कर सकता। देश के अधिकांश भागों में हिंदू इस बात को बर्दाश्त नहीं कर सकते कि अस्पृश्य जाति का कोई व्यक्ति जमीन खरीदकर स्पृश्य जाति की बराबरी का प्रयत्न करे। किसी अस्पृश्य के ऐसे दुस्साहस का विरोध ही नहीं किया जाता, बल्कि उसको सजा भी भुगतनी पड़ सकती है। कुछ भागों में तो उनके जमीन खरीदने पर कानूनी प्रतिबंध है। उदाहरणार्थ, पंजाब प्रांत में एक कानून है जिसका नाम है, भूमि स्वामित्व अधिनियम। इस कानून में उन जातियों का उल्लेख किया गया है, जो जमीन खरीद सकती हैं और अस्पृश्यों को इस सूची में शामिल नहीं किया गया है। इसके परिणामस्वरूप अधिकांश भागों में अस्पृश्य भूमिहीन मजदूर रहने के लिए विवश है और मजदूर के रूप में वे वाजिब मजदूरी की माँग नहीं कर सकते। वे हिंदू किसानों के लिए उसी मजदूरी पर काम करने को मजबूर हैं, जो उन्हें मालिक देना चाहे। इस प्रश्न पर हिंदू किसान मजदूरी कम से कम रखने के लिए आपस में एकमत हो जाते हैं, क्योंकि यह उनके हित में होता है। दूसरी और अस्पृश्यों के पास कोई चारा नहीं रहता। वे या तो उसी मजदूरी पर काम करें अथवा भूखों मरें। न ही उनमें मोल-तौल करने की क्षमता होती है। वे या तो निश्चित की हुई दरों पर काम करें या फिर पिटाई के लिए तैयार रहें।

कृषि प्रधान देश में अस्पृश्यों की जीविका का साधन क्या है?
Q18mediummcqHindiHindi Mock Test - 12026
11% accuracy
निर्देश: निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए -
लोक साहित्य वह साहित्य है जो जनमानस की चित्तवृत्तियों से संबंधित है। यह मानव मन की उपज है। लोक साहित्य शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है लोक और साहित्य। लोक का अर्थ है जन सामान्य वर्ग और साहित्य का अर्थ है उस जन सामान्य वर्ग की संपूर्ण भावनाओं की अभिव्यक्ति। लोक साहित्य किसी भी समाज, वर्ग या समूह के सामूहिक जीवन का दर्पण होता है। इसमें किसी व्यक्ति विशेष का चिंतन, विवेचन या विश्लेषण नहीं होता बल्कि सामूहिक चेतना, अनुभवों, संवेदनाओं की अभिव्यक्ति रहती है। किसी भी समाज के इतिहास और संस्कृति को समझने के लिए लोक साहित्य का अध्ययन आवश्यक होता है। मानवता का वास्तविक इतिहास लोक साहित्य के आधार पर ही निर्मित होता है। लोक साहित्य लोक का साहित्य है, लोक चेतना का साहित्य है, लोक मानस और लोक संस्कृति का साहित्य है, लोगों के जीवन अनुभवों का सत्य है। यह सहज, सरल, अनौपचारिक और आडंबर रहित साहित्य है। इसमें आम जनता के रीति-रिवाज, विधि-विधान, क्रियाकलाप, विश्वास, प्रथाएं, परंपराएं आदि सभी कुछ समाहित रहता है। लोक साहित्य लोक जीवन को प्रतिध्वनित करने वाला साहित्य है। यह साहित्य मौखिक है तथा कृत्रिमता और आडंबर से कोसों दूर है। इसमें आमजन के हास-परिहास तथा दैनिक क्रियाकलापों का स्वाभाविक वर्णन मिलता है।

लोक साहित्य किसका दर्पण होता है?
Q19mediummcqHindiHindi Mock Test - 12026
22% accuracy
निर्देश: दिए गए गद्यांश के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए |राजा दशरथ के तीन विवाह होने पर भी उनके यहाँ कोई उत्तराधिकारी नहीं हुआ | राजा के वानप्रस्थ का समय समीप आता जा रहा था, उनकी चिन्ता बढ़ती जा रही थी | इस हेतु उन्होंने ऋषि-मुनियों से संपर्क क्र उपाय हेतु सलाह करना प्रारंभ कर दिया | महर्षि वशिष्ठ ने उनसे कहा - राजन आपकी कुल-परम्परा में पूर्व में भी इस प्रकार का समय आ चुका है | महाराज दिलीप को जब संतान प्राप्ति नहीं हुई थी, तब उन्होंने भी आयुर्वेद के आचार्यों को बुलाकर पुत्र यज्ञ कराया था, जिसके परिणामस्वरुप आपके कुल पिता रघु का जन्म हुआ था | अब पुनः वही परिस्थिति उत्पन्न हुई है | आप पुत्र यज्ञ का आयोजन करें | आपको अवश्य सुखद फल प्राप्त होगा | वर्तमान में आपके ही दामाद महर्षि श्रृंगी आयुर्वेदाचार्य व यज्ञों के ज्ञाता है | हम उन्हें ही आमंत्रित कर यज्ञ का आयोजन करें, तब श्रेष्ठ होगा |महर्षि वशिष्ठ ने यज्ञ कराने के लिए किस महर्षि का नाम सुझाया?
Q20mediummcqHindiHindi Mock Test - 12026
0% accuracy
निर्देश: दिए गए गद्यांश के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
पुराणानुसार श्रृंगी ऋषि के शाप के कारण तक्षक नाग ने राजा परीक्षित को डसा था, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। इससे क्रुद्ध होकर प्रतिशोध की भावना से उसके पुत्र जनमेजय ने सर्पयज्ञ किया। मंत्राहुत होकर सर्प यज्ञकुण्ड में आ-आकर गिरने लगे। इसी बीच वासुकी की बहन नाग कन्या, जरत्कात का पुत्र आस्तीक आकर जनमेजय और उसके यज्ञ अनुष्ठान की छलपूर्वक प्रशंसा करने लगा। उससे प्रसन्न होकर जनमेजय ने उससे वर माँगने को कहा। ऋत्विजों ने राजा को वर देने से मना किया। तक्षक मंत्राहूत होकर मण्डप के पास आ ही गया था कि तभी आस्तीक ने वर माँगा कि यज्ञ बन्द क्र दिया जाए। बचन बद्ध होकर जनमेजय को यज्ञ बन्द कर देना पड़ा और जनमेजय को इसका पश्चाताप बना रहा कि वह अपने पिता की मृत्यु का बदला न ले सका। वास्तविक शत्रु तक्षक बच ही गया।

जनमेयज ने कौन-सा यज्ञ किया?
Q21mediummcqHindiHindi Mock Test - 12026
0% accuracy
निर्देश: निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए -
लोक साहित्य वह साहित्य है जो जनमानस की चित्तवृत्तियों से संबंधित है। यह मानव मन की उपज है। लोक साहित्य शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है लोक और साहित्य। लोक का अर्थ है जन सामान्य वर्ग और साहित्य का अर्थ है उस जन सामान्य वर्ग की संपूर्ण भावनाओं की अभिव्यक्ति। लोक साहित्य किसी भी समाज, वर्ग या समूह के सामूहिक जीवन का दर्पण होता है। इसमें किसी व्यक्ति विशेष का चिंतन, विवेचन या विश्लेषण नहीं होता बल्कि सामूहिक चेतना, अनुभवों, संवेदनाओं की अभिव्यक्ति रहती है। किसी भी समाज के इतिहास और संस्कृति को समझने के लिए लोक साहित्य का अध्ययन आवश्यक होता है। मानवता का वास्तविक इतिहास लोक साहित्य के आधार पर ही निर्मित होता है। लोक साहित्य लोक का साहित्य है, लोक चेतना का साहित्य है, लोक मानस और लोक संस्कृति का साहित्य है, लोगों के जीवन अनुभवों का सत्य है। यह सहज, सरल, अनौपचारिक और आडंबर रहित साहित्य है। इसमें आम जनता के रीति-रिवाज, विधि-विधान, क्रियाकलाप, विश्वास, प्रथाएं, परंपराएं आदि सभी कुछ समाहित रहता है। लोक साहित्य लोक जीवन को प्रतिध्वनित करने वाला साहित्य है। यह साहित्य मौखिक है तथा कृत्रिमता और आडंबर से कोसों दूर है। इसमें आमजन के हास-परिहास तथा दैनिक क्रियाकलापों का स्वाभाविक वर्णन मिलता है।

उपर्युक्त गद्यांश का उचित शीर्षक होगा -
Q22mediummcqHindiHindi Mock Test - 12026
11% accuracy
निर्देशः निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गये प्रश्नों के सर्वाधिक उचित उत्तर वाले विकल्प का चयन कीजिए।
साहित्योन्नति के साधनों में पुस्तकालयों का स्थान अत्यन्त महत्वपूर्ण है। इनके द्वारा साहित्य के जीवन की रक्षा, पुष्टि और अभिवृद्धि होती है। पुस्तकालय, सभ्यता के इतिहास का जीता जागता गवाह है। इसी के बल पर वर्तमान भारत को अपने अतीत गौरव पर गर्व है। पुस्तकालय भारत के लिये कोई नई वस्तु नहीं है। लिपि के आविष्कार से आज तक लोग निरन्तर पुस्तकों का संग्रह करते रहे हैं। पहले देवालय, विद्यालय, नृपालय इन संग्रहों के प्रमुख स्थान होते थे। इनके अतिरिक्त विद्वत्जनों के अपने निजी पुस्तकालय भी होते थे। मुद्रण कला के आविष्कार से पूर्व पुस्तकों का संग्रह करना आजकल की तरह सरल बात न थी। आजकल साधारण स्थिति के पुस्तकालय में जितनी सम्पत्ति लगती है, उतनी उन दिनों कभी-कभी एक-एक पुस्तक की तैयारी में लग जाया करती थी। भारत के पुस्तकालय संसार भर में अपनी सानी नहीं रखते थे। प्राचीन काल में मुगल सम्राटों के समय तक यही स्थिति रही। चीन-फारस प्रभृति सुदूर स्थित देशों से झुण्ड के झुण्ड विद्यानुरागी लम्बी यात्रायें करके भारत आया करते थे।

पुराने समय में पुस्तकालय में अधिक व्यय क्यों होता था?
Q23mediummcqHindiHindi Mock Test - 12026
22% accuracy
निर्देश: बाघ भारत का राष्ट्रीय पशु है। यह वनों में पाया जाता है, इसकी देह पतली और हलकी होती है। इस पर गहरी कत्थई रंग की धारियाँ होती हैं जो देखने में बहुत सुन्दर लगती है। इसका मुँह छोटा होता है और इसकी दहाड़ शेर के सामान दिल दहलाने वाली नहीं होती है, यह हमेशा टेढ़ी चाल चलता है और कभी भी अपने शिकार पर सामने से आक्रमण नहीं करता, इसका आक्रमण हमेशा छिपकर होता है। यह बहुत चालाक पशु है। इसकी छलाँग शेर से लम्बी होती है और दौड़ने का वेग भी उससे अधिक होता है। यह खूँखार मासांहारी पशुओं में स्फूर्ति के लिए प्रसिद्ध है। यह कभी - कभी वन में लगे पौधों के बीच में छुपकर गाय, बकरी आदि का शिकार करता है। बाघ स्फूर्ति, चतुराई, साहस और तीव्रता का प्रतीक होने के कारण भारत का राष्ट्रीय पशु है।
स्फूर्ति से क्या आशय है ?
Q24mediummcqHindiHindi Mock Test - 12026
22% accuracy
निर्देश: निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए -
लोक साहित्य वह साहित्य है जो जनमानस की चित्तवृत्तियों से संबंधित है। यह मानव मन की उपज है। लोक साहित्य शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है लोक और साहित्य। लोक का अर्थ है जन सामान्य वर्ग और साहित्य का अर्थ है उस जन सामान्य वर्ग की संपूर्ण भावनाओं की अभिव्यक्ति। लोक साहित्य किसी भी समाज, वर्ग या समूह के सामूहिक जीवन का दर्पण होता है। इसमें किसी व्यक्ति विशेष का चिंतन, विवेचन या विश्लेषण नहीं होता बल्कि सामूहिक चेतना, अनुभवों, संवेदनाओं की अभिव्यक्ति रहती है। किसी भी समाज के इतिहास और संस्कृति को समझने के लिए लोक साहित्य का अध्ययन आवश्यक होता है। मानवता का वास्तविक इतिहास लोक साहित्य के आधार पर ही निर्मित होता है। लोक साहित्य लोक का साहित्य है, लोक चेतना का साहित्य है, लोक मानस और लोक संस्कृति का साहित्य है, लोगों के जीवन अनुभवों का सत्य है। यह सहज, सरल, अनौपचारिक और आडंबर रहित साहित्य है। इसमें आम जनता के रीति-रिवाज, विधि-विधान, क्रियाकलाप, विश्वास, प्रथाएं, परंपराएं आदि सभी कुछ समाहित रहता है। लोक साहित्य लोक जीवन को प्रतिध्वनित करने वाला साहित्य है। यह साहित्य मौखिक है तथा कृत्रिमता और आडंबर से कोसों दूर है। इसमें आमजन के हास-परिहास तथा दैनिक क्रियाकलापों का स्वाभाविक वर्णन मिलता है।

लोक साहित्य नहीं है -
Q25mediummcqHindiHindi Mock Test - 12026
0% accuracy
निर्देशः निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गये प्रश्नों के सर्वाधिक उचित उत्तर वाले विकल्प का चयन कीजिए।
साहित्योन्नति के साधनों में पुस्तकालयों का स्थान अत्यन्त महत्वपूर्ण है। इनके द्वारा साहित्य के जीवन की रक्षा, पुष्टि और अभिवृद्धि होती है। पुस्तकालय, सभ्यता के इतिहास का जीता जागता गवाह है। इसी के बल पर वर्तमान भारत को अपने अतीत गौरव पर गर्व है। पुस्तकालय भारत के लिये कोई नई वस्तु नहीं है। लिपि के आविष्कार से आज तक लोग निरन्तर पुस्तकों का संग्रह करते रहे हैं। पहले देवालय, विद्यालय, नृपालय इन संग्रहों के प्रमुख स्थान होते थे। इनके अतिरिक्त विद्वत्जनों के अपने निजी पुस्तकालय भी होते थे। मुद्रण कला के आविष्कार से पूर्व पुस्तकों का संग्रह करना आजकल की तरह सरल बात न थी। आजकल साधारण स्थिति के पुस्तकालय में जितनी सम्पत्ति लगती है, उतनी उन दिनों कभी-कभी एक-एक पुस्तक की तैयारी में लग जाया करती थी। भारत के पुस्तकालय संसार भर में अपनी सानी नहीं रखते थे। प्राचीन काल में मुगल सम्राटों के समय तक यही स्थिति रही। चीन-फारस प्रभृति सुदूर स्थित देशों से झुण्ड के झुण्ड विद्यानुरागी लम्बी यात्रायें करके भारत आया करते थे।

पुस्तकालय का प्रारम्भ कब से हुआ?
Q26mediummcqHindiHindi Mock Test - 12026
22% accuracy
निर्देश: निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्न के उत्तर दीजिए-
एक कृषि-प्रधान देश में जीविका का प्रमुख साधन कृषि हो सकती है, परंतु रोजी-रोटी का यह साधन आमतौर से अस्पृश्यों के लिए उपलब्ध नहीं है। इसके कई कारण हैं। पहली बात तो यह है कि जमीन खरीदना उनके वश की बात नहीं और दूसरी यह कि यदि अस्पृश्य जमीन खरीदने की स्थिति में है, तो भी वह ऐसा नहीं कर सकता। देश के अधिकांश भागों में हिंदू इस बात को बर्दाश्त नहीं कर सकते कि अस्पृश्य जाति का कोई व्यक्ति जमीन खरीदकर स्पृश्य जाति की बराबरी का प्रयत्न करे। किसी अस्पृश्य के ऐसे दुस्साहस का विरोध ही नहीं किया जाता, बल्कि उसको सजा भी भुगतनी पड़ सकती है। कुछ भागों में तो उनके जमीन खरीदने पर कानूनी प्रतिबंध है। उदाहरणार्थ, पंजाब प्रांत में एक कानून है जिसका नाम है, भूमि स्वामित्व अधिनियम। इस कानून में उन जातियों का उल्लेख किया गया है, जो जमीन खरीद सकती हैं और अस्पृश्यों को इस सूची में शामिल नहीं किया गया है। इसके परिणामस्वरूप अधिकांश भागों में अस्पृश्य भूमिहीन मजदूर रहने के लिए विवश है और मजदूर के रूप में वे वाजिब मजदूरी की माँग नहीं कर सकते। वे हिंदू किसानों के लिए उसी मजदूरी पर काम करने को मजबूर हैं, जो उन्हें मालिक देना चाहे। इस प्रश्न पर हिंदू किसान मजदूरी कम से कम रखने के लिए आपस में एकमत हो जाते हैं, क्योंकि यह उनके हित में होता है। दूसरी और अस्पृश्यों के पास कोई चारा नहीं रहता। वे या तो उसी मजदूरी पर काम करें अथवा भूखों मरें। न ही उनमें मोल-तौल करने की क्षमता होती है। वे या तो निश्चित की हुई दरों पर काम करें या फिर पिटाई के लिए तैयार रहें।

अस्पृश्य से क्या आशय है?
Q27mediummcqHindiHindi Mock Test - 12026
0% accuracy
निर्देश: दिए गए गद्यांश के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
पुराणानुसार श्रृंगी ऋषि के शाप के कारण तक्षक नाग ने राजा परीक्षित को डसा था, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। इससे क्रुद्ध होकर प्रतिशोध की भावना से उसके पुत्र जनमेजय ने सर्पयज्ञ किया। मंत्राहुत होकर सर्प यज्ञकुण्ड में आ-आकर गिरने लगे। इसी बीच वासुकी की बहन नाग कन्या, जरत्कात का पुत्र आस्तीक आकर जनमेजय और उसके यज्ञ अनुष्ठान की छलपूर्वक प्रशंसा करने लगा। उससे प्रसन्न होकर जनमेजय ने उससे वर माँगने को कहा। ऋत्विजों ने राजा को वर देने से मना किया। तक्षक मंत्राहूत होकर मण्डप के पास आ ही गया था कि तभी आस्तीक ने वर माँगा कि यज्ञ बन्द क्र दिया जाए। बचन बद्ध होकर जनमेजय को यज्ञ बन्द कर देना पड़ा और जनमेजय को इसका पश्चाताप बना रहा कि वह अपने पिता की मृत्यु का बदला न ले सका। वास्तविक शत्रु तक्षक बच ही गया।

जनमेजय के पिता का नाम क्या था?
Q28mediummcqHindiHindi Mock Test - 12026
11% accuracy
निर्देश: निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्न के उत्तर दीजिए-
एक कृषि-प्रधान देश में जीविका का प्रमुख साधन कृषि हो सकती है, परंतु रोजी-रोटी का यह साधन आमतौर से अस्पृश्यों के लिए उपलब्ध नहीं है। इसके कई कारण हैं। पहली बात तो यह है कि जमीन खरीदना उनके वश की बात नहीं और दूसरी यह कि यदि अस्पृश्य जमीन खरीदने की स्थिति में है, तो भी वह ऐसा नहीं कर सकता। देश के अधिकांश भागों में हिंदू इस बात को बर्दाश्त नहीं कर सकते कि अस्पृश्य जाति का कोई व्यक्ति जमीन खरीदकर स्पृश्य जाति की बराबरी का प्रयत्न करे। किसी अस्पृश्य के ऐसे दुस्साहस का विरोध ही नहीं किया जाता, बल्कि उसको सजा भी भुगतनी पड़ सकती है। कुछ भागों में तो उनके जमीन खरीदने पर कानूनी प्रतिबंध है। उदाहरणार्थ, पंजाब प्रांत में एक कानून है जिसका नाम है, भूमि स्वामित्व अधिनियम। इस कानून में उन जातियों का उल्लेख किया गया है, जो जमीन खरीद सकती हैं और अस्पृश्यों को इस सूची में शामिल नहीं किया गया है। इसके परिणामस्वरूप अधिकांश भागों में अस्पृश्य भूमिहीन मजदूर रहने के लिए विवश है और मजदूर के रूप में वे वाजिब मजदूरी की माँग नहीं कर सकते। वे हिंदू किसानों के लिए उसी मजदूरी पर काम करने को मजबूर हैं, जो उन्हें मालिक देना चाहे। इस प्रश्न पर हिंदू किसान मजदूरी कम से कम रखने के लिए आपस में एकमत हो जाते हैं, क्योंकि यह उनके हित में होता है। दूसरी और अस्पृश्यों के पास कोई चारा नहीं रहता। वे या तो उसी मजदूरी पर काम करें अथवा भूखों मरें। न ही उनमें मोल-तौल करने की क्षमता होती है। वे या तो निश्चित की हुई दरों पर काम करें या फिर पिटाई के लिए तैयार रहें।

भारत के किस प्रांत में ‘भूमि स्वामित्व अधिनियम’ बना है?
Q29mediummcqHindiHindi Mock Test - 12026
0% accuracy
निर्देश: दिए गए गद्यांश के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए |राजा दशरथ के तीन विवाह होने पर भी उनके यहाँ कोई उत्तराधिकारी नहीं हुआ | राजा के वानप्रस्थ का समय समीप आता जा रहा था, उनकी चिन्ता बढ़ती जा रही थी | इस हेतु उन्होंने ऋषि-मुनियों से संपर्क क्र उपाय हेतु सलाह करना प्रारंभ कर दिया | महर्षि वशिष्ठ ने उनसे कहा - राजन आपकी कुल-परम्परा में पूर्व में भी इस प्रकार का समय आ चुका है | महाराज दिलीप को जब संतान प्राप्ति नहीं हुई थी, तब उन्होंने भी आयुर्वेद के आचार्यों को बुलाकर पुत्र यज्ञ कराया था, जिसके परिणामस्वरुप आपके कुल पिता रघु का जन्म हुआ था | अब पुनः वही परिस्थिति उत्पन्न हुई है | आप पुत्र यज्ञ का आयोजन करें | आपको अवश्य सुखद फल प्राप्त होगा | वर्तमान में आपके ही दामाद महर्षि श्रृंगी आयुर्वेदाचार्य व यज्ञों के ज्ञाता है | हम उन्हें ही आमंत्रित कर यज्ञ का आयोजन करें, तब श्रेष्ठ होगा |राजा दशरथ के कुल पिता कौन थे?
Q30mediummcqHindiHindi Mock Test - 12026
22% accuracy
निर्देश: निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए -
लोक साहित्य वह साहित्य है जो जनमानस की चित्तवृत्तियों से संबंधित है। यह मानव मन की उपज है। लोक साहित्य शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है लोक और साहित्य। लोक का अर्थ है जन सामान्य वर्ग और साहित्य का अर्थ है उस जन सामान्य वर्ग की संपूर्ण भावनाओं की अभिव्यक्ति। लोक साहित्य किसी भी समाज, वर्ग या समूह के सामूहिक जीवन का दर्पण होता है। इसमें किसी व्यक्ति विशेष का चिंतन, विवेचन या विश्लेषण नहीं होता बल्कि सामूहिक चेतना, अनुभवों, संवेदनाओं की अभिव्यक्ति रहती है। किसी भी समाज के इतिहास और संस्कृति को समझने के लिए लोक साहित्य का अध्ययन आवश्यक होता है। मानवता का वास्तविक इतिहास लोक साहित्य के आधार पर ही निर्मित होता है। लोक साहित्य लोक का साहित्य है, लोक चेतना का साहित्य है, लोक मानस और लोक संस्कृति का साहित्य है, लोगों के जीवन अनुभवों का सत्य है। यह सहज, सरल, अनौपचारिक और आडंबर रहित साहित्य है। इसमें आम जनता के रीति-रिवाज, विधि-विधान, क्रियाकलाप, विश्वास, प्रथाएं, परंपराएं आदि सभी कुछ समाहित रहता है। लोक साहित्य लोक जीवन को प्रतिध्वनित करने वाला साहित्य है। यह साहित्य मौखिक है तथा कृत्रिमता और आडंबर से कोसों दूर है। इसमें आमजन के हास-परिहास तथा दैनिक क्रियाकलापों का स्वाभाविक वर्णन मिलता है।

लोक साहित्य किससे कोसों दूर है?
Q31mediummcqHindi LanguageCompetitive Exam2026
0% accuracy
What gave the inspiration to manufacture terrifying and modern destructive weapons?
Q32mediummcqHindi LanguageCompetitive Exam2026
0% accuracy
What is the main theme/core message of this passage?
Q33easymcqHindi LanguageCompetitive Exam2026
0% accuracy
Modern wars are terrifying and destructive because:
Q34easymcqHindi LanguageCompetitive Exam2026
0% accuracy
According to the passage, why are large nations manufacturing modern destructive weapons?
Q35easymcqHindi LanguageCompetitive Exam2026
0% accuracy
According to the passage, how was the immense power of the atom bomb experienced for the first time?
Q36mediummcqHindiCompetitive Exam Practice Paper2026
0% accuracy
Based on the passage found in "image_22e090.jpg", how can human life be prevented from turning into a Bhasmasura?
Q37mediummcqHindiCompetitive Exam Practice Paper2026
0% accuracy
Based on the passage found in "image_22e090.jpg", giving the dignity of a humanitarian approach to an atomic explosion is only possible when a person's:
Q38mediummcqHindiCompetitive Exam Practice Paper2026
0% accuracy
Based on the passage found in "image_22e090.jpg", the most significant output of our science-centered education is:
Q39mediummcqHindiCompetitive Exam Practice Paper2026
0% accuracy
Based on the passage found in "image_22e090.jpg", modern human development cannot be called all-round (सर्वंगीण) because:
Q40mediummcqHindiCompetitive Exam Practice Paper2026
0% accuracy
Based on the passage found in "image_22e090.jpg", modern humans are doubtful regarding their own personality and existence because:
Q41mediummcqHindiPractice Paper2026
100% accuracy
Read the following passage carefully and answer the question based on it.
"आज के समय में तकनीक ने हमारे जीवन को अत्यंत सरल बना दिया है। मोबाइल फोन, इंटरनेट और कंप्यूटर के माध्यम से हम कुछ ही मिनटों में दुनिया के किसी भी कोने से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। हालाँकि, तकनीक के अत्यधिक उपयोग से लोगों में सामाजिक दूरी भी बढ़ी है और वे आमने-सामने संवाद कम करने लगे हैं।"
According to the passage, how can people obtain information?
Q42mediummcqHindiPractice Paper2026
0% accuracy
Read the following passage carefully and answer the question based on it.
"आज के समय में तकनीक ने हमारे जीवन को अत्यंत सरल बना दिया है। मोबाइल फोन, इंटरनेट और कंप्यूटर के माध्यम से हम कुछ ही मिनटों में दुनिया के किसी भी कोने से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। हालाँकि, तकनीक के अत्यधिक उपयोग से लोगों में सामाजिक दूरी भी बढ़ी है और वे आमने-सामने संवाद कम करने लगे हैं।"
According to the passage, what has been the impact of excessive use of technology?
Q43mediummcqHindiPractice Paper2026
100% accuracy
Read the following passage carefully and answer the question based on it.
"आज के समय में तकनीक ने हमारे जीवन को अत्यंत सरल बना दिया है। मोबाइल फोन, इंटरनेट और कंप्यूटर के माध्यम से हम कुछ ही मिनटों में दुनिया के किसी भी कोने से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। हालाँकि, तकनीक के अत्यधिक उपयोग से लोगों में सामाजिक दूरी भी बढ़ी है और वे आमने-सामने संवाद कम करने लगे हैं।"
According to the passage, how has technology made our life?
Q44mediummcqHindi LanguagePractice Test2026
Directions (Q.58 to 60): Read the following passage carefully and answer the questions that follow based on it.
Nature is the foundation of our life. Trees provide us with pure air, shade, and fruits. Rivers and lakes provide us with water. Mountains regulate the weather. However, today humans are harming nature due to their selfish nature. Indiscriminate deforestation, factory smoke, and the use of plastic are polluting the environment. As a result, problems like climate change, floods, and droughts are emerging. To protect the environment, we must plant more and more trees, reduce the use of plastic, and focus on water conservation. If we do not wake up now, future generations will have to face a severe crisis. It is the duty of all of us to protect nature.

According to the passage, what is mentioned as the main cause of environmental pollution?
Q45mediummcqHindiUP Police Constable2026
Based on the given passage, answer the question:
What will be the result of exercising caution while using a mobile phone?
Q46mediummcqHindiUP Police Constable2026
Based on the given passage, answer the question:
Where a mobile phone is pleasant, it is also:
Q47mediummcqHindiUP Police Constable2026
Based on the given passage, answer the question:
What happens due to a mobile phone when a person is busy?
Q48mediummcqHindiUP Police Constable2026
Based on the given passage, answer the question:

प्रश्न संख्या 145 से 149 का उत्तर दिए गए गद्यांश के आधार पर दीजिये-
मोबाइल फोन के एक नहीं, अनेक लाभ हैं। मोबाइल फोन के प्रयोग से निजी जिंदगी के साथ साथ व्यापार के क्षेत्र में भी व्यापक वृद्धि हुई है। आप अपने मोबाइल फोन के माध्यम से कहीं भी रहकर अपने कार्यों को पूरा कर सकते हैं। इसे हर समय अपने साथ रख पाने के कारण आप हर समय लोगों के संपर्क में रहते हैं। मोबाइल फोन के अनेक लाभों के साथ कुछ हानियाँ भी हैं। जहाँ यह सुखद है, वही दुखद भी। जैसे आप कभी सो रहे हैं या खाना खा रहे हैं, उसी समय फोन आ जाए तो काफी बुरा लगता है। आप ड्राइविंग कर रहे हैं और फोन आ जाए तो काफी परेशानी होती है। आप यदि कुछ समय एकांत में बिताना चाहते हैं तो भी मोबाइल फोन उसमें खलल डाल सकता है। कई बार तो आप बहुत व्यस्त होते हैं और मोबाइल फोन के कारण व्यवधान पड़ जाता है। अर्थात् मोबाइल फोन का हर वक्त साथ रहना जहाँ लाभकारी है, वही यह परेशानियों का कारण भी बन जाता है। लेकिन हर सिक्के के दो पहलू होते हैं। अगर हमें मोबाइल फोन के लाभ उठाने हैं तो कुछ परेशानियों भी उठानी ही पड़ेंगी। वैसे मोबाइल फोन के प्रयोग से हमें लाभ ही अधिक हैं। बस, हमें इसके प्रयोग में कुछ सावधानियाँ अवश्य बरतनी चाहिए।

कार्य के संदर्भ में मोबाइल फोन की उपयोगिता है
What is the utility of a mobile phone in the context of work?
Q49mediummcqHindiUP Police Constable2026
Based on the given passage, answer the question:
What would be an appropriate title for the passage?
Q50mediummcqHindi LanguagePractice Test2026
Directions (Q.58 to 60): Read the following passage carefully and answer the questions that follow based on it.
Nature is the foundation of our life. Trees provide us with pure air, shade, and fruits. Rivers and lakes provide us with water. Mountains regulate the weather. However, today humans are harming nature due to their selfish nature. Indiscriminate deforestation, factory smoke, and the use of plastic are polluting the environment. As a result, problems like climate change, floods, and droughts are emerging. To protect the environment, we must plant more and more trees, reduce the use of plastic, and focus on water conservation. If we do not wake up now, future generations will have to face a severe crisis. It is the duty of all of us to protect nature.

According to the passage, what do trees provide us?
Q51mediummcqHindi LanguagePractice Test2026
Directions (Q.58 to 60): Read the following passage carefully and answer the questions that follow based on it.
Nature is the foundation of our life. Trees provide us with pure air, shade, and fruits. Rivers and lakes provide us with water. Mountains regulate the weather. However, today humans are harming nature due to their selfish nature. Indiscriminate deforestation, factory smoke, and the use of plastic are polluting the environment. As a result, problems like climate change, floods, and droughts are emerging. To protect the environment, we must plant more and more trees, reduce the use of plastic, and focus on water conservation. If we do not wake up now, future generations will have to face a severe crisis. It is the duty of all of us to protect nature.

What measures have been suggested in the passage for environmental protection?
Q52mediummcqHindiCompetitive Exam2026
Based on the passage below, answer the question:
"Culture and civilization - these are two words and their meanings are also different. Civilization is that quality of man by which he makes his external progress. Culture is that quality by which he makes his internal progress, learns compassion, love, and benevolence. Today, trains, motor cars and airplanes, long and wide roads and big houses, good food and good clothes, these are the identities of civilization and the more abundance of these in a country, the more civilized we consider that country. But culture is a much finer thing than all of them. It is not the motor car, but the art of making a motor car; not the house, but the interest or taste in making a house. Culture is not wealth, it is a virtue/quality. Culture is not pomp and show, it is humility and politeness. There is a saying that civilization is what we have, but culture is the quality that is hidden within us. We have houses, clothes, but all these things are evidence of our civilization, whereas culture is not visible in such a coarse way, it is a very subtle and great thing and it is hidden in our every choice, every habit. Making a house is the work of civilization, but which design of the house we prefer - this is told by our culture. Inside man, lust, anger, greed, attachment, arrogance, and jealousy - these six vices are given by nature. But if these vices are left unchecked, man would fall so low that there would be no difference between him and an animal. Therefore, man restrains these vices. The more a person can control these vices, the higher his culture is considered to be. It is the nature of culture that it grows through exchange. When people of two countries or races meet, their cultures influence each other. Therefore, from the point of view of culture, that race or country is considered very rich which has developed its own culture by taking advantage of the cultures of maximum countries or races."

What is meant by 'Civilization' ('सभ्यता') according to the passage?
Q53mediummcqHindiCompetitive Exam2026
Based on the passage below, answer the question:
"Culture and civilization - these are two words and their meanings are also different. Civilization is that quality of man by which he makes his external progress. Culture is that quality by which he makes his internal progress, learns compassion, love, and benevolence. Today, trains, motor cars and airplanes, long and wide roads and big houses, good food and good clothes, these are the identities of civilization and the more abundance of these in a country, the more civilized we consider that country. But culture is a much finer thing than all of them. It is not the motor car, but the art of making a motor car; not the house, but the interest or taste in making a house. Culture is not wealth, it is a virtue/quality. Culture is not pomp and show, it is humility and politeness. There is a saying that civilization is what we have, but culture is the quality that is hidden within us. We have houses, clothes, but all these things are evidence of our civilization, whereas culture is not visible in such a coarse way, it is a very subtle and great thing and it is hidden in our every choice, every habit. Making a house is the work of civilization, but which design of the house we prefer - this is told by our culture. Inside man, lust, anger, greed, attachment, arrogance, and jealousy - these six vices are given by nature. But if these vices are left unchecked, man would fall so low that there would be no difference between him and an animal. Therefore, man restrains these vices. The more a person can control these vices, the higher his culture is considered to be. It is the nature of culture that it grows through exchange. When people of two countries or races meet, their cultures influence each other. Therefore, from the point of view of culture, that race or country is considered very rich which has developed its own culture by taking advantage of the cultures of maximum countries or races."

What is meant by 'Culture' ('संस्कृति') according to the passage?
Q54mediummcqHindiCompetitive Exam2026
Based on the passage below, answer the question:
"Culture and civilization - these are two words and their meanings are also different. Civilization is that quality of man by which he makes his external progress. Culture is that quality by which he makes his internal progress, learns compassion, love, and benevolence. Today, trains, motor cars and airplanes, long and wide roads and big houses, good food and good clothes, these are the identities of civilization and the more abundance of these in a country, the more civilized we consider that country. But culture is a much finer thing than all of them. It is not the motor car, but the art of making a motor car; not the house, but the interest or taste in making a house. Culture is not wealth, it is a virtue/quality. Culture is not pomp and show, it is humility and politeness. There is a saying that civilization is what we have, but culture is the quality that is hidden within us. We have houses, clothes, but all these things are evidence of our civilization, whereas culture is not visible in such a coarse way, it is a very subtle and great thing and it is hidden in our every choice, every habit. Making a house is the work of civilization, but which design of the house we prefer - this is told by our culture. Inside man, lust, anger, greed, attachment, arrogance, and jealousy - these six vices are given by nature. But if these vices are left unchecked, man would fall so low that there would be no difference between him and an animal. Therefore, man restrains these vices. The more a person can control these vices, the higher his culture is considered to be. It is the nature of culture that it grows through exchange. When people of two countries or races meet, their cultures influence each other. Therefore, from the point of view of culture, that race or country is considered very rich which has developed its own culture by taking advantage of the cultures of maximum countries or races."

The fundamental nature of culture is that it:
Q55mediummcqHindiCompetitive Exam2026
Based on the passage below, answer the question:
"Culture and civilization - these are two words and their meanings are also different. Civilization is that quality of man by which he makes his external progress. Culture is that quality by which he makes his internal progress, learns compassion, love, and benevolence. Today, trains, motor cars and airplanes, long and wide roads and big houses, good food and good clothes, these are the identities of civilization and the more abundance of these in a country, the more civilized we consider that country. But culture is a much finer thing than all of them. It is not the motor car, but the art of making a motor car; not the house, but the interest or taste in making a house. Culture is not wealth, it is a virtue/quality. Culture is not pomp and show, it is humility and politeness. There is a saying that civilization is what we have, but culture is the quality that is hidden within us. We have houses, clothes, but all these things are evidence of our civilization, whereas culture is not visible in such a coarse way, it is a very subtle and great thing and it is hidden in our every choice, every habit. Making a house is the work of civilization, but which design of the house we prefer - this is told by our culture. Inside man, lust, anger, greed, attachment, arrogance, and jealousy - these six vices are given by nature. But if these vices are left unchecked, man would fall so low that there would be no difference between him and an animal. Therefore, man restrains these vices. The more a person can control these vices, the higher his culture is considered to be. It is the nature of culture that it grows through exchange. When people of two countries or races meet, their cultures influence each other. Therefore, from the point of view of culture, that race or country is considered very rich which has developed its own culture by taking advantage of the cultures of maximum countries or races."

Culture differs from civilization in the sense that culture:
Q56mediummcqHindiCompetitive Exam2026
Based on the passage provided previously, human humanity lies in the fact that he:
Q57mediummcqHindiUPTET Paper 2 (Maths & Science)2018
निर्देश :दिए गए अनुच्छेद को ध्यानपूर्वक पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों के सही विकल्प छँटिए।“ प्रारम्भ से ही प्रकृति और मनुष्य का अटूट संबंध रहा है। प्रकृति और मनुष्य का संबंध अन्योन्याश्रित ओर परस्पर सह – अस्तित्व पर निर्भर है। प्रकृति ने मानव के लिए जीवनदायक तत्त्वों को उत्पन्न किया। मनुष्य ने वृक्षों के फल ,बीज ,जड़ें आदि खाकर अपनी भूख मिटाई। पेड़ -पौधे हमें केवल भोजन ही प्रदान नहीं करते अपितु जीवनदायिनी वायु ,ऑक्सीजन भी प्रदान करते हैं। ये वातावरण से कार्बन डाइऑक्साइड को ग्रहण करते हैं और ऑक्सीजन बाहर निकालते हैं। पृथ्वी पर हरियाली के स्त्रोत पेड़ -पौधे ही हैं। वर्षा के कारक यही पेड़ -पौधे हैं। मनुष्य ने अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए वन -संपदा का अंधाधुंध दोहन किया है जिसके कारण प्राकृतिक असंतुलन उत्पन्न हो गया है। पर्यावरण में कम ऑक्सीजन तथा प्रदूषण के कारण अनेक प्रकार की घातक बीमारियाँ फैल रही हैं। पेड़ -पौधों की कमी के चलते अनावृष्टि सूखा और भूमि – क्षरण की समस्या पैदा हो गई है ” । पेड़ – पौधे हमें क्या नहीं देते हैं?
Q58mediummcqHindiUPTET Paper 2 (Maths & Science)2018
निर्देश :दिए गए अनुच्छेद को ध्यानपूर्वक पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों के सही विकल्प छँटिए।“ प्रारम्भ से ही प्रकृति और मनुष्य का अटूट संबंध रहा है। प्रकृति और मनुष्य का संबंध अन्योन्याश्रित ओर परस्पर सह – अस्तित्व पर निर्भर है। प्रकृति ने मानव के लिए जीवनदायक तत्त्वों को उत्पन्न किया। मनुष्य ने वृक्षों के फल ,बीज ,जड़ें आदि खाकर अपनी भूख मिटाई। पेड़ -पौधे हमें केवल भोजन ही प्रदान नहीं करते अपितु जीवनदायिनी वायु ,ऑक्सीजन भी प्रदान करते हैं। ये वातावरण से कार्बन डाइऑक्साइड को ग्रहण करते हैं और ऑक्सीजन बाहर निकालते हैं। पृथ्वी पर हरियाली के स्त्रोत पेड़ -पौधे ही हैं। वर्षा के कारक यही पेड़ -पौधे हैं। मनुष्य ने अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए वन -संपदा का अंधाधुंध दोहन किया है जिसके कारण प्राकृतिक असंतुलन उत्पन्न हो गया है। पर्यावरण में कम ऑक्सीजन तथा प्रदूषण के कारण अनेक प्रकार की घातक बीमारियाँ फैल रही हैं। पेड़ -पौधों की कमी के चलते अनावृष्टि सूखा और भूमि – क्षरण की समस्या पैदा हो गई है ” । पर्यावरण असंतुलन का दुष्परिणाम क्या नहीं है?

Frequently Asked Questions

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